Wednesday , 8 July 2020

सबरीमाला मामला: SCने 17 फरवरी से रोज सुनवाई करने का प्रस्ताव रखा

नई दिल्ही/तिरुवनंथपूरम.सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसकी पांच न्यायाधीशों की पीठ सबरीमला मामले में पुनर्विचार अधिकार क्षेत्र के तहत अपनी सीमित शक्ति का इस्तेमाल करते हुए कानून के प्रश्नों को वृहद पीठ को भेज सकती है.
प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने संविधान के तहत धार्मिक स्वतंत्रता एवं आस्था संबंधी मामलों पर सात प्रश्न तैयार किए, जिनकी सुनवाई नौ न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ करेगी. पीठ ने कहा कि उसकी नौ न्यायाधीशों की पीठ संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार और विभिन्न धार्मिक सम्प्रदायों के अधिकार के साथ इसके परस्पर प्रभाव एवं संबंध के मामले पर सुनवाई करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान लिंग और विश्वास मामले में मुद्दों को सामने रखा. सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न धर्मों में धार्मिक स्वतंत्रता की गुंजाइश संबंधी प्रश्नों को लेकर 17 फरवरी से प्रतिदिन सुनवाई करने का प्रस्ताव रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले की सुनवाई सप्ताह में पांच दिन होगी और आपको (वकीलों) उन तौर-तरीकों को खोजना होगा कि कौन बहस करेंगे और किस पक्ष के लिए करेंगे.