Wednesday , 11 December 2019
सरकार के प्रयासों को दिखा असर, 14 दिनों इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में जबरदस्त उछाल

सरकार के प्रयासों को दिखा असर, 14 दिनों इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में जबरदस्त उछाल

नई दिल्ली. मोदी सरकार की ओर से अनिवार्य रूप से लागू किए जा रहे फास्टैग से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) में पिछले दिनों से जबरदस्त तेजी दिखी है. इसमें सबसे अधिक वृद्धि पिछले 14 दिनों में देखने को मिली है. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) कार्यक्रम के तहत राजमार्गों पर कारों, बसों, ट्रकों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग पहले 1 दिसंबर से लागू होने वाला था लेकिन तकनीकी कारणों के कारण बाद में इस 15 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया. नवंबर 2016 में कुल टोल कलेक्शन में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन का योगदान केवल 2 प्रतिशत था.

इसका मतलब कि केवल 2 प्रतिशत लोग फास्टैग के माध्यम से टोल टैक्स भर रहे थे. लेकिन सरकार के प्रयासों से नवंबर 2019 तक यह आंकड़ा उछालकर 37 प्रतिशत तक पहुंच गया. जो भारत को कैशलेस अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. वहीं पिछले 14 दिनों में यानी 18 नवंबर 2019 से 2 दिसंबर 2019 तक कुल टोल कलेक्शन में फास्टैग टोल कलेक्शन में 36 से 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. 15 दिसंबर 2019 से पहले ही यह 50 प्रतिशत के पार जाने की उम्मीद है. यानि कुल टोल कलेक्शन में, फास्टैग या इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की भागीदारी आधे से ज्यादा बढ़ जाएगी.

इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) की सफलता में नंदन नीलेकणी समिति ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 2011 में भारत की उस समय की मनमोहन सरकार ने ईटीसी पर सिपारिशों के लिए इस समिति का गठन किया था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इस अब पूरे देश में लागू करने जा रही है. यह एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशनटैग है जिस वाहन के विंडशील्ड पर लगाया जाता है, ताकि गाड़ी जब टोल प्लाजा से गुजरे तो प्लाजा पर मौजूद सेंसर फास्टैग को रीड कर सके.

वहां लगा उपकरण ऑटोमैटिक तरीके से टोल टैक्स की वसूली कर लेते हैं. इससे वाहन चालकों के समय की बचत होती है.वहीं 15 दिसंबर से देशभर के टोल प्लाजा पर फास्टैग टोल कलेक्शन सिस्टम अनिवार्य हो जाएगा और जो कोई व्यकित इस नहीं लगवाएगा, उस दोगुना टोल टैक्स देना होगा.
नई गाड़ी खरीदते समय ही डीलर से आप फास्टैग प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, पुरानी वाहनों के लिए इस नेशनल हाईवे के प्वाइंट ऑफ सेल से खरीदा जा सकता है. इसके अलावा फास्टैग को प्राइवेट सेक्टर के बैंकों से भी खरीद सकते हैं.

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