Sunday , 23 February 2020
साईं बाबा की जन्मभूमि को लेकर विवाद, राजनीति तेज, हालात संभालने की कोशिश

साईं बाबा की जन्मभूमि को लेकर विवाद, राजनीति तेज, हालात संभालने की कोशिश

अहमदनगर.साईं बाबा की जन्मभूमि को लेकर विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है और रविवार से शिरडी बंद का ऐलान कर दिया गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पाथरी को साईं की जन्मभूमि बता दिया था, जिसके बाद विवाद हो गया. इसके बाद एक ओर जहां शिरडी गांव के लोग नाराज हो गए हैं, वहीं बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटिल ने कानूनी लड़ाई की चेतावनी दी है.
परभणी जिले का पाथरी शिरडी से करीब 275 किलोमीटर दूर स्थित है. ठाकरे ने इसे साईं की जन्मभूमि बताया और इसके विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का ऐलान कर दिया. यूं तो साईं के जन्म को लेकर साफ-साफ जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि वह शिरडी आकर बस गए और यहीं के होकर रह गए. इसके बाद से शिरडी की पहचान भी साईं से हो गई. सीएम के ऐलान के बाद शिरडी गांव के निवासी नाराज हो गए हैं. शिरडी साईं ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पाथरी के विकास से आपत्ति नहीं है लेकिन उसे साईं की जन्मभूमि कहना ठीक नहीं है. इससे पहले भी साईं बाबा और उनके माता-पिता के बारे में कई गलत दावे किए जा चुके हैं. सीएम के बयान से लोग इतने आहत हो गए हैं कि शिरडी में बंद बुला लिया गया.
विवाद को शांत करने के लिए महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति और शिवसेना की नेता निलम गोर्हे ने गुरुवार को शिरडी पहुंचकर शिरडी बंद न करने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस बारे में शिरडी के लोगों से बातचीत करेंगे.
इस मुद्दे पर बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटिल ने पूछा है कि पाथरी को साईंबाबा का जन्मस्थान बताने का मुद्दा नई सरकार के आने के बाद ही क्यों उठ खड़ा हुआ. पाटिल ने यह भी कहा कि शिरडी के लोग इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ सकते हैं. वहीं, दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि जन्मस्थल पर विवाद के कारण पथरी में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं का विरोध नहीं होना चाहिए.