Saturday , 27 November 2021
हमारे नेता जन्म से नहीं कर्म से गृहमंत्री और प्रधानमंत्री बनते हैं – नड्डा

हमारे नेता जन्म से नहीं कर्म से गृहमंत्री और प्रधानमंत्री बनते हैं – नड्डा

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने आज फुटबॉल स्टेडियम, चाईबासा (झारखंड) में कोल्हान संभाग के शक्ति केंद्र एवं बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित किया और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की कोटि-कोटि सराहना करते हुए 65 से भी अधिक सीटों पर जीत के लक्ष्य के साथ एक बार पुनः झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया.

ज्ञात हो कि नड्डा आज एकदिवसीय प्रवास पर झारखंड में हैं जहां वे कार्यकर्ताओं, नव मतदाताओं और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों के साथ अलग-अलग परिचर्चा कर रहे हैं. अपने चिर-परिचित अंदाज में विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए नड्डा ने कहा कि क्या किसी दल में इस तरह की ताकत है कि वह इस तरह से पार्टी कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक सम्मेलन आयोजित कर सके. यह केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है जिसके पास ऊर्जावान और समर्थ कार्यकर्ताओं की शक्ति है.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपना रिकॉर्ड खुद तोड़ती है क्योंकि हमारे मुकाबले में दूर-दूर तक कोई पार्टी नहीं ठहरती. यह केवल और केवल परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले कार्यकर्ताओं की बदौलत ही संभव हुआ है. केवल 54 दिनों में हमने 6 करोड़ से अधिक नए सदस्य भाजपा परिवार के साथ जोड़े और आज पार्टी की सदस्यता संख्या 11 करोड़ से बढ़ कर 17 करोड़ को भी पार कर गई है.

हमने न केवल करोड़ों नए सदस्य जोड़े बल्कि लगभग 19 लाख फलदार और छायादार वृक्षों का पौधारोपण भी किया और ऐसे 17,000 कार्यक्रम आयोजित किये. आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है तो इसके पीछे हमारे कार्यकर्ताओं की ही मेहनत है. उन्होंने कहा कि झारखंड में ‘अबकी बार, 65 पार’ का लक्ष्य तो पूरा होगा ही लेकिन हमें इससे भी अधिक सीटें प्राप्त करनी है.

विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि देश में मौजूद कांग्रेस सहित लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां या तो वंशवाद के आधार पर चलती हैं, या फिर जातिवाद और तुष्टीकरण के आधार पर. यह केवल भारतीय जनता पार्टी है जिसमें आतंरिक लोकतंत्र है और बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का नेतृत्व लोकतांत्रिक आधार पर तय होता है. हमारे यहाँ नेता जन्म से नहीं, कर्म से आगे बढ़ते हैं, तभी तो बूथ स्तर से शुरुआत करने वाले अमित शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं और एक अत्यंत गरीब परिवार से आये मोदी जी देश के प्रधानमंत्री.