Tuesday , 11 December 2018
तीन तलाक अध्यादेश सत्ता और वोट का मामला नहीं, इसके तहत शौहर को होगी 3 वर्ष की सजा -रविशंकर

तीन तलाक अध्यादेश सत्ता और वोट का मामला नहीं, इसके तहत शौहर को होगी 3 वर्ष की सजा -रविशंकर

पटना 23 सितम्बर ( हि स)- तीन तलाक को मुस्लिम महिलाओं की आबरू इंसाफ और सम्मान का मुद्दा बताते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह कोई राजनीति, सत्ता और वोट का मामला नहीं है तथा नए अध्यादेश के बाद अब तीन तलाक देने वाले शौहर को तीन साल जेल की सजा होगी.

मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ तीन तलाक के मुद्दे पर रविवार को बातचीत करते हुए तथा इसके लिए लाए गए अध्यादेश में निहित प्रावधानों की चर्चा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने राजधानी पटना स्थित अपने आवास पर कहा कि तीन तलाक का मुद्दा किसी भी तरह से इबादत और धर्म का मुद्दा नहीं है बल्कि यह मुस्लिम समाज की महिलाओं की आबरू, इंसाफ और सम्मान का मामला है. उन्होंने कहा कि इंसाफ और सम्मान तथा तीन तलाक से महिलाओं को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने यह अध्यादेश लाया है और इसके तहत तीन तलाक अब पूरी तरह गैर कानूनी है.
उन्होंने कहा कि किसी भी तरीके से दिया गया तीन तलाक चाहे वह फोन पर हो,एसएमएस करके हो,व्हाट्सएप पर हो अथवा ऑनलाइन अब गैरकानूनी है. अध्यादेश के प्रावधानों की चर्चा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक देने वाले शौहर के खिलाफ उसकी पत्नी या पत्नी के मायके वाले अथवा विवाह से बनी रिश्तेदारी में से कोई भी एफ आई आर कर सकता है. ऐसे मामलों में ट्रायल के बाद शौहर को तीन साल की सजा का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक देने वाले शौहर को मजिस्ट्रेट के सामने उसकी पत्नी की सुनवाई और सहमति के बाद ही बेल दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार मजबूती से खड़ी है इसलिए इस अध्यादेश के तहत ऐसा प्रावधान किया गया है कि पत्नी की सुनवाई के बाद ही तीन तलाक देने वाले शौहर को बेल मिले. इसके अलावा समझौता भी पत्नी के कहने पर ही होगा,पति के कहने पर नहीं.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के कुछ लोगों द्वारा इस अध्यादेश को घर तबाह करने वाला बताया जा रहा है जो पूरी तरह से निराधार है. कानून मंत्री ने कहा कि इस अध्यादेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि नाबालिग बच्चे तलाक के बाद पत्नी के पास रहेंगे. अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कई मामलों में देखा गया है कि बच्चों को उनकी मां से छीन लिया जाता है जो एक मां के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि इस तरह का अन्याय इस अध्यादेश के बाद से अब और नहीं होगा साथ ही तीन तलाक में मां और बच्चे दोनों को मेंटेनेंस दिए जाने का कानूनी प्रावधान किया गया है.
उन्होंने कहा कि किसी के भी घर को तोड़ने का सरकार का कोई इरादा नहीं है किंतु पति को बदसलूकी करने नहीं दिया जाएगा.

अध्यादेश के संदर्भ में उछाले जा रहे मुद्दों की चर्चा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पति यदि जेल चला जाएगा तो रोटी कहां से आएगी, ऐसी बातों के जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि दहेज और अन्य किसी भी तरह के अपराध के लिए हिंदू और मुसलमानों के लिए कानून एक समान है और ऐसे अपराधों में भी लोग जेल जाते हैं किंतु ऐसी स्थिति में रोटी के मुद्दे को कोई नहीं पूछता. उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा आवाज सिर्फ तीन तलाक से संबंधित कानून पर ही उठाई जा रही है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं की इज्जत, इंसाफ और आबरू से संबंधित इस कानून का कांग्रेस और विपक्ष ने विरोध किया. उन्होंने कहा कि महिला नेता होने के बावजूद कांग्रेस की सोनिया गांधी,बसपा की मायावती और तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी भी मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा नहीं समझ सकीं जबकि भाजपा की सरकार इन महिलाओं के साथ कोर्ट और कोर्ट के बाहर भी मजबूती से खड़ी है.

तीन तलाक मामलों की चर्चा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में अभी तक तीन तलाक के 430 मामले हुए हैं जिनमें से 229 इस मामले जजमेंट से पहले तथा 201 मामले जजमेंट के बाद हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को आयुष्मान भारत योजना लागू किए जाने का स्वागत करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इससे देश के 10 करोड़ गरीबों को चाहे वह मंदिर में जाने वाला हो, मस्जिद या गुरुद्वारे में उन्हें हर वर्ष इलाज के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुद्दे की चर्चा करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनकी सरकार ने हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाया है.
सायरा बानो पर तेजाब फेंके जाने की घटना पर दुख प्रकट करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाएं सियासत और देश के भविष्य के लिए निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं क्योंकि तीन तलाक का मामला भाजपा के लिए वोट बैंक और सियासत का मामला नहीं है.

इस अवसर पर उपस्थित मुस्लिम समाज की महिलाओं ने तीन तलाक से जुड़े अपना गुजारा करना पड़ता था. इस बातचीत के दौरान महिलाओं ने कई बार अपनी खुशी प्रकट करते हुए कहा कि उन्हें अब एक हथियार मिल गया है जिसके सहारे वह सम्मान से अपना जीवन जी सकेंगी. महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि तीन तलाक हो जाने के बाद थाना में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी.
मुस्लिम महिलाओं की कई समस्याओं को सुनने के बाद रविशंकर प्रसाद ने एक-एक कर सभी मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया.

बाद में मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक से संबंधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए इस अध्यादेश के लिए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को धन्यवाद दिया.

Source : http://udaipurkiran.in/hindi/

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