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कांग्रेस की बैठक में हंगामा, गहलोत पर छोड़ी जोधपुर से सांसद प्रत्याशी के चयन की जिम्मेदारी

कांग्रेस की बैठक में हंगामा, गहलोत पर छोड़ी जोधपुर से सांसद प्रत्याशी के चयन की जिम्मेदारी

जोधपुर, 14 जनवरी (उदयपुर किरण). जिला प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया के सामने ही लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई कांग्रेस की बैठक में जोरदार हंगामा हो गया. यहां ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित नहीं करने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई. हंगामे के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता बैठक छोडक़र रवाना भी हो गए. बाद में कार्यकर्ताओं से समझाइश की गई.

दरअसल रविवार सुबह कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री व जोधपुर जिला प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया ने कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग ली. इस दौरान प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया के सामने जोधपुर कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया तब वहां मौजूद प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव अनिल टाटिया ने प्रभारी मंत्री को कहा कि ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित नहीं की गई है. बिना पद के कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ा अब तो वे ब्लॉक कार्यकारिणी घोषित करें.

उन्होंने कहा कि जोधपुर में सभी ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक अध्यक्ष के अंतर्गत काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पद दिया जाना चाहिए क्योंकि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं ने बिना पद के काम किया है और कांग्रेस को जीत दिलाई है. इस बात को लेकर कुछ कार्यकर्ता नाराज हो गए और उन्होंने प्रभारी मंत्री के सामने बात करने को लेकर विरोध शुरू कर दिया. उन्होंने पूर्व प्रदेश सचिव अनिल टाटिया के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी. वहीं कुछ लोगों ने इस बात का भी विरोध जताया कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव द्वारा रखी जाने वाली बात को कार्यकर्ताओं द्वारा दबाया जा रहा है. हंगामा बढ़ता देख जोधपुर प्रभारी सत्येंद्र भारद्वाज ने बीच बचाव किया और मामले को शांत करवाया. घटना से पहले जहां एक तरफ कई कार्यकर्ता मौजूद थे तो वहीं घटना के बाद कमरा आधा खाली हो गया. बाद में हंगामा शांत होने पर आगे की चर्चा की गई.

गौरतलब है कि जोधपुर कांग्रेस में सईद अंसारी लंबे समय से अध्यक्ष पद पर कार्यरत है. अंसारी की कार्यशैली को लेकर कई बार कार्यकर्ता विरोध के स्वर उठा चुके है लेकिन गहलोत के खास होने की वजह से सईद अंसारी अध्यक्ष बने हुए है. हाल ही में जब उनको दोबारा अध्यक्ष नियुक्त किया गया तो उन्होंने अपनी कार्यकारिणी नहीं बनाई. इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी के सामने अपनी बात रखी. यह बैठक लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी लेकिन बैठक के प्रारंभ में ही हंगामा शुरू हो गया. बाद में यह प्रस्तावा पारित किया गया कि लोकसभा में सांसद प्रत्याशी का चयन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर छोड़ा जाए. इस प्रस्ताव को सभी ने सहमति दी. बैठक में कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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