Wednesday , 19 June 2019

राजस्थान में प्राकृतिक आपदा से अब तक 18 लोगों की मौत

-जयपुर ग्रामीण, करौली, झुंझुनूं, दौसा, भरतपुर, सीकर समेत प्रदेश के कई जिले प्रभावित

-कई जिलों में अंधड़ के बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू

जयपुर, 17 अप्रैल (उदयपुर किरण). राजस्थान में प्राकृतिक आपदा से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. राज्य के दर्जनभर जिले प्रभावित हुए हैं. प्रदेश के जयपुर ग्रामीण, करौली, झुंझुनूं, दौसा, भरतपुर, चूरू, अजमेर, सीकर, जयपुर के चौमूं और अलवर के बानसूर में तेज अंधड़ के बाद हल्की बारिश शुरू हो गई. अंधड़ और बारिश से हुई तबाही में जान-माल की क्षति रोकने के लिए राज्य सरकार पहले से ही अलर्ट मोड पर है.

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर बुधवार सुबह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव डीबी गुप्ता एवं आपदा प्रबंधन सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर को राहत एवं बचाव के इंतजाम करने के साथ फीडबैक देने के निर्देश दिए. राज्य सरकार के मुताबिक, राज्य में मंगलवार से बुधवार तक अंधड़ व बारिश से 18 लोगों की मौत हो चुकी है. इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों के लिए मुख्यमंत्री ने चार-चार लाख रुपये की नकद सहायता की घोषणा की है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मंगलवार को अचानक बदले मौसम ने खूब कहर बरपाया. अधिकांश शहरों में 60 से 80 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली, बारिश हुई और ओले गिरे. पेड़ उखड़ गए. खंभे गिर गए. कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं. दीवारें गिर गई. टेंट-तंबू उड़ गए. घंटों बिजली गुल रही. हादसों में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए. मंडियों एवं खेत-खलिहानों में पड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा. अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गयी है.

राजधानी जयपुर में अंधड़ से दो दर्जन से अधिक जगहों पर पेड़ उखड़ गए और एक दर्जन से अधिक स्थानों पर दीवार व छज्जे गिर गए. अंधड़ व बारिश के कारण झालावाड़ के गणेशपुरा में कच्चा मकान ढहने से दो बहनों की मौत के अलावा समरोल में बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई. उदयपुर के सैलाना व राजसमंद के परावल में बिजली गिरने से एक-एक की मौत हो गई. इसके अलावा यहां दो अन्य लोगों की भी मौत हुई है. अलवर में टेंट गिरने से दुल्हन के चचेरे भाई की मौत हो गई और 14 घायल हो गए. जयपुर में चार, बूंदी में दो तथा बारां, राजसमंद व भीलवाड़ा में एक-एक लोगों की मौत हुई है. मौसम विभाग की मानें तो ऊपरी वायुमंडल में गर्म हवाओं की मौजूदगी थी. इस बीच अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से उठी नम हवाओं ने वायुमंडल में अस्थिरता पैदा की और मौसम में अचानक बदलाव आ गया.

हवाओं की नमी के कारण बरसात हुई है. मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी राज्य में कई जगहों पर आंधी व बारिश की संभावना जताई गई है, जो गुरुवार तक जारी रह सकती है. प्रदेश के जिलों में सुबह तक मौसम साफ था, लेकिन दोपहर बाद से जयपुर ग्रामीण, करौली, झुंझुनूं, दौसा, भरतपुर, चूरू, अजमेर, सीकर, जयपुर के चौमूं और अलवर के बानसूर में तेज अंधड़ के बाद हल्की बारिश शुरू हो गई. बारिश, ओले और आंधी के चलते अन्नदाताओं की फसलें चौपट हो गईं. कोटा की भामाशाहमंडी में एक लाख से अधिक बोरी अनाज भीगने की सूचना है. नई दिल्ली, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और नई दिल्ली में बारिश, आंधी एवं बिजली गिरने से पिछले दो दिन में 43 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं.

सबसे ज्यादा असर राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात पर पड़ा है. पारा लुढ़का प्राकृतिक आपदा से मंगलवार रात को तापमान में गिरावट आ गई. विभिन्न स्थानों पर पारा एक से पांच डिग्री तक गिर गया. अजमेर में पारा 16 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. डबोक में पारा पांच डिग्री की गिरावट के साथ 17 डिग्री पर लुढक़ गया. राज्य में सबसे कम तापमान माउंट आबू में 15.04 डिग्री दर्ज किया गया. जयपुर में पारा 23 से लुढ़ककर 17.6 पर पहुंच गया. बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश डबोक में दर्ज की गई. यहां 34.07 मिमी वर्षा हुई. जयपुर में 13.08, अलवर में 21.09, कोटा में 27.08 तो भीलवाड़ा में 21 मिमी बारिश हुई.


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