Tuesday , 21 May 2019
TATA GROUP का बड़ा फैसला, साथ लाएगी अपने ये दो बड़े बिजनेस

TATA GROUP का बड़ा फैसला, साथ लाएगी अपने ये दो बड़े बिजनेस

TATA BRAND

नई दिल्ली.टाटा ग्रुप ने अपने कारोबार को बढ़ाने और प्रोफइट कमाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. टाटा अपने सारे food business को single platter में लाने जा रही है.टाटा ग्रुप ने बोर्ड से भी इस बात की मंजूरी ले ली है.

टाटा ग्रुप का बड़ा कदम-

टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) अपने फूड डिवीजन का ट्रांसफर टाटा ग्लोबल बेवरेजेस (Tata Global Beverages) को करेगी. ऐसा माना जा रहा है कि ये डील अगले साल तक पूरी हो जाएगी.ये डीमर्जर FY20 के Q4-FY21 के Q1 तक संभव है.

टाटा केमिकल को मिलेगें इतने रुपए-

टाटा ग्रुप ने अपनी कंपनी टाटा ग्लोबल का नाम बदलकर टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट करने जा रही है.इस सौदे के तहत टाटा केमिकल के शेयर होल्डर्स को टाटा ग्लोबल के 100 के बदले 114 शेयर दिए जाएगें.टाटा केमिकल डील से 1,847 करोड़ रुपए मिलेंगे, जो कंपनी की 16 फीसदी आमदनी के बराबर है.

दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी-

टाटा ग्लोबल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी है.जबकि टाटा केमिकल्स नमक, दाल और मसालों वाली कंज्यूमर फूड्स डिवीजन की कंपनी है.साथ ही टाटा केमिकल दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सोडा ऐश कंपनी है

यह कदम टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की एक जैसे बिजनेस को साथ लाने की रणनीति के तहत उठाया जा रहा है. यह डील 5,000 करोड़ रुपए की होगी और इसके अगले साल अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है.

देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी टाटा-

टाटा ग्लोबल के पास टेटली, 8 ओक्लॉक कॉफी और हिमालयन नेचुरल मिनरल वॉटर जैसे ब्रांड हैं. यह हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी भी है. वित्त वर्ष 2018-19 में टाटा ग्लोबल बेवरेजेस की परिचालन आय 7,252 करोड़ रुप और शुद्ध लाभ 457 करोड़ रुपए रहा था.कंपनी ने हालिया कदम के जरिए बड़ी एफएमसीजी कंपनी बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है.

चंद्रशेखरन के बड़े फैसले-

चंद्रशेखरन का इस फैसले को लेकर कहना है कि टाटा कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स में हम फूड और बेवरेजेज जो कि तेजी से बढ़ रहे कंज्यूमर सेक्टर हैं को साथ ला रहे हैं. इसके साथ हमने एक मजबूत ग्रोथ प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो भारतीय ग्राहकों की बढ़ती हुई चाहत को पूरा करेगा.इस कदम के जरिए चंद्रशेखरन टाटा ग्रुप के ओवरलैप को घटाने की कोशिश कर रहे हैं

बता दें कि चंद्रशेखरन के फरवरी 2017 में टाटा संस का चेयरमैन बनने के बाद ग्रुप ने टेलीकॉम बिजनेस अक्टूबर 2017 में भारती एयरटेल को बेचा था. उसके बाद पिछले साल उसने अपने एयरोस्पेस और डिफेंस बिजनेस को साथ लाने का फैसला किया था.

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