Thursday , 20 June 2019

15 जून के बाद बस्तर पहुंचेगा मानसून

जगदलपुर, 20 मई (ह‍ि.स.). छत्तीसगढ़ में सबसे पहले दक्षिण-पश्चिमी मानसून बस्तर में प्रवेश करते हुए पूरे प्रदेश में चलता है और इस वर्ष इसके आगमन की तिथि 15 जून के बाद ही संभव हो पाएगी. इस प्रकार बस्तर में वर्षा की स्थिति 15 के बाद ही निर्मित होने तथा बस्तर के किसानों को इसी स्थिति का आंकलन कर कृषि कार्य करने होंगे. इस संबंध में मौसम वैज्ञानिक आर के सोरी ने बताया कि केरल में यह मानसून पांच जून तक पहुंचेगा और केरल से आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडि़शा होते हुए बस्तर में प्रवेश करेगा. केरल में आने के दस दिन बाद ही इसका बस्तर आगमन होता है.

सर्वाधिक विशेष तथ्य यह है कि वर्ष 2013 को अपवाद स्वरूप माना जाए तो पिछले एक दशक से यह मानसून तय समय पर बस्तर नहीं पहुंच सका है. बस्तर में इसकी आगमन की तिथि दस जून तक निर्धारित है. लेकिन इस वर्ष यह एक हफ्ते विलंब से ही बस्तर पहुंच पाएगा. मौसम विशेषज्ञों के मुताबि‍क कम दवाब का क्षेत्र बनने और सायक्लोन जैसे प्राकृतिक कारणों से मानसून का प्रभाव तेजी से होता है और बस्तर में यह विलंब से आ रहा है. इसका तात्पर्य है कि केरल से छत्‍तीसगढ़ होते हुए फिर इसे देश के अन्य भागों में फैलने के लिए उचित सिस्टम मिल जाए तो यह शीघ्र ही पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2013 ऐसा ही अनुकूल सिस्टम बना था और बस्तर में मानसून मात्र 5 दिनों में ही केरल से बस्तर पहुंच गया.

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