Thursday , 20 June 2019

57 हाथियों ने अनेक किसानों की फसल चौपट की

कोरबा 20 मई (उदयपुर किरण). छत्‍तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले कुछ दिनों से कोरबा में डेरा डाले हाथी लगातार वनांचल के किसानों की फसलों को रौंदने में लगे हुए हैं. रव‍िवार की रात को 57 हाथियों के झुंड ने कोरबा वन मंडल के सर्किल के गोड़मा ठाकुरखेता में 10 से अधिक किसानों की ग्रीष्मकालीन धान फसल को रौंद दिया. जिसके बाद यह झुंड बाल्को वन परिक्षेत्र के फूटहामुड़ा, माखुरकछार जा पहुंचे. हाथियों द्वारा क्षेत्र में लगातार जन धन की हानि पहुंचाई जा रही है, जिससे वनांचल में बसने वाले लोगों में भय का वातावरण निर्मित है.

इन हाथियों को खदेड़ने के दिशा पर वन विभाग द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. पिछले दिनों ही क्षेत्र मेंं हाथी ने बारात से लौट रहे एक ग्रामीण की जान ले ली थी. जबकि दूसरे ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई. अभी मौजूदा स्थिति में दो अलग-अलग क्षेत्रों में लोनार हाथी विचरण कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर 57 हाथियों का झुंड बाल्को रेंज में डेरा डाले हुए हैं. जिससे वन विभाग की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. जंगल में इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का काम जोरों पर है ऐसे में हाथियों के विचरण से ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ गई है. तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे लोगों में भय व्याप्त है. हाथियों के होने की वजह से ग्रामीण जंगल की ओर जाने में कतरा रहे हैं हालांकि जिस क्षेत्र में हाथी विचरण कर रहे हैं उस क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण पर रोक लगा दी गई है ताकि कोई बड़ी जन धन की हानि ना हो. वन विभाग के कर्मचारी लगातार हाथियों की निगरानी करने में जुटे हुए हैं.

इस सम्बन्ध में वन व‍िभाग के डिप्टी रेंजर बसंत तिवारी ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य स्थगित करा दिया गया है. हाथी आगमन की जानकारी को लेकर गांव में जंगल जाने सावधानी बरतने मुनादी भी कराई गई है. हाथियों को वन क्षेत्र की ओर खदेड़ने के लिए वन अमला  तत्पर है. किसी भी प्रकार की जन हानि की सूचना नहीं है.

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