Thursday , 20 June 2019

सिर्फ इतने रुपए में बिक रही है आपकी निजी जानकारी,चोरी हुआ TRUECALLER का डेटा

नई दिल्ली.आज के समय में जब दुनिया तेजी से डिजिटल होती जा रही है.उतनी ही तेजी से फ्रॉड करने और डेटा चोरी करने वाले भी बढ़ते जा रहे है.फेसबुक से लेकर एप्पल तक के डेटा चोरी की खबरें आ चुकी है. अब स्वीडन के कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप Truecaller के डेटा चोरी की खबरे सामने आ रही है.

बिक रहा यूजर का डेटा-

मीडिया रिपोर्टस की मानें तो दुनियाभर के Truecaller यूजर का names, phone numbers और email addresses एक प्राइवेट इंटरनेट फोरम पर बिक्री के लिए उपलब्ध है.इस प्राइवेट इंटरनेट फोरम से किसी का भी डेटा खरीदा जा सकता है.

इतने में बिक रहा यूजर का डेटा-

इस तरह की ट्रांजैक्शंस(transactions) की निगरानी करने वाले एक सायबर सिक्यॉरिटी(cyber security) एनालिस्ट ने बताया कि ट्रूकॉलर के भारतीय यूजर्स का कथित डेटा डार्क वेब पर लगभग 1.5 लाख रुपए (करीब 2,000 यूरो) में बेचा जा रहा है.Truecaller के लगभग 14 करोड़ यूजर्स में से लगभग 60 प्रतिशत भारतीय हैं. इसके ग्लोबल यूजर्स के डेटा की कीमत 25,000 यूरो तक है.

Truecaller ने डेटा चोरी से किया इनकार-

इस डेटा चोरी पर Truecaller का कहना है कि ये खबरें गलत हैं. ऐसा कुछ नहीं हुआ है. Truecaller ने डेटाबेस में सेंध लगने से साफ-साफ इनकार कर दिया है.स्वीडन की इस कंपनी ने कहा कि उसने अपने यूजर्स की ओर से ही डेटा की अनाधिकृत कॉपी करने के मामले पाए हैं.
मीडिया रिपोर्टस की मानें तो बिक्री के लिए उपलब्ध डेटा का एक नमूना देखने पर पता चला कि इसमें यूजर के निवास के राज्य और उसके मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर जैसी जानकारियां शामिल हैं.

Truecaller देता है ये सुविधा-

Truecaller ऐप मुख्य तौर पर आपके मोबाइल पर कॉल कर रहे शख्स की पहचान करता है.यह ऐप बताता है कि कॉल करने वाला कौन है. इस तरह से हम में से ज्यादातर यूज़र टेलीमार्केटिंग या स्पैम कॉल से बच जाते हैं.Truecaller ने हाल ही में एंड्रॉयड यूज़र के लिए नई कॉल रिकॉर्डिंग की सुविधा भी शुरू की है.Truecaller के जरिए ऑनलाइन पेमेंट भी की जा सकती है.इसी के साथ Truecaller कॉन्टेक्ट, कॉल हिस्ट्री, ब्लॉक लिस्ट, बैकअप और वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा देता है.

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