Thursday , 20 June 2019

चीन ने रचा इतिहास, समुद्री जहाज से लॉन्च किया रॉकेट

बीजिंग.सामरिक और आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर चीन ने एक नया इतिहास रचा है. चीन ने अपनी ताकत दिखाते हुए सफलतापूर्वक रॉकेट लॉन्च किया है. दरअसल, यह रॉकेट समुद्र में जहाज के जरिए लॉंच किया गया है, जो अपने आप में एतिहासिक है, क्योंकि यह पहला मौका था जब चीन ने इस तरह से रॉकेट लॉन्च करने में सफलता पाई है. चीन ने इस रॉकेट को लॉंच करने के साथ ही अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और नवीनतम कदम आगे बढ़ा दिया है. इस छोटे से रॉकेट जिसे कहीं से भी लॉंच करने के मकसद से डिजाइन किया गया है, जो अपने साथ सात ( दो प्रौद्योगिकी परीक्षण सैटेलाइट और पांच वाणिज्यिक सैटेलाइट ) उपग्रहों को ले गया है, जिनमें से एक है टाइफून का पूर्वानुमान लगाने के लिए समुद्र की सतह की हवाओं को मापने वाला यंत्र.
चीन के ‘ए लांग मार्च-11 सॉलिड प्रोपेलेंट कैरियर रॉकेट’ ने शानडोंग प्रांत में पीत सागर में एक चलित प्लेटफार्म से दोपहर के 12.06 बजे उड़ान भरी. रॉकेट के सफलतापूर्वक लॉन्च होने के साथ ही चीन उन देशों के क्लब में शामिल हो गया, जिसने ऐसा कारनामा पहले किया है. चीन ऐसा करने वाला तीसरा देश बन गया है. इससे पहले अमरीका और रूस ने यह उपलब्धि हासिल की है. बता दें कि चीन ने पहली बार समुद्र स्थित प्लेटफार्म से अंतरिक्ष में रॉकेट लांच किया है. यह लांग मार्च कैरियर रॉकेट सीरीज का 306वां अभियान था. रॉकेट ने अपने साथ चीन 125 से जुड़े दो संचार उपग्रहों को लेकर गया.
अब चीन 125 जो कि बीजिंग स्थित एक प्रौद्योगिकी कंपनी है जिसने वैश्विक डेटा नेटवर्किंग सेवाएं प्रदान करने के लिए सैकड़ों उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना बनाई है. जल और थल में अपनी ताकत को बढ़ा चुका चीन अब आसमान में भी अपनी ताकत को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. हाल के वर्षों में चीन ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. अमरीका को पछाड़ कर 2030 तक चीन एक प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति बनना चाहता है. इसके लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है. बीजिंग अगले साल खुद के मानवयुक्त अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहा है.

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