Thursday , 20 June 2019

पांच साल में हर गांव में पहुंच जाएगी सिर्फ बछिया जनने वाली गाय

बेगूसराय,12जून (उदयपुर किरण). अच्छे दिन और सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली वर्तमान केंद्र सरकार ने पशुपालकों के अच्छे दिन लाने की व्यापक पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है.दूध उत्पादन और पशुपालन लागत कम करने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड प्रयत्नशील है. वर्तमान सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल में ऐसी तकनीक विकसित हो जाएगा कि गाय सिर्फ बछिया को ही जन्म देगी. गाय के सिर्फ बछिया जनने से पशुपालक अप्रत्याशित रूप से समृद्ध होंगे. इसके लिए केंद्र सरकार ने एंब्रियो ट्रांसप्लांट करवाने का निर्देश दिया है. पहले चरण में गिर नस्ल की गाय का कराया जा रहा है.

सरकार की मंशा है कि पांच साल के अंदर देश के सभी गांवों में इस नये प्रयोग से तैयार गाय पहुंच जाय. खेती में बैल चालित हल का प्रचलन खत्म हो जाने के कारण गाय के बाछा (नर बच्चा) की उपयोगिता नहीं रही. गाय का होने वाला नर बच्चा या तो कुपोषित होकर मर जाता है या कसाई खाना भेज दिया जाता है और इन्ही कारणों से सरकार ने व्यापक पैमाने पर योजना तैयार की है. केन्द्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि पशुपालक किसानों के आय में वृद्धि को लेकर सरकार सतत प्रयत्नशील है. मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही इस नये विभाग को साढ़े तेरह हजार करोड़ का आवंटन मिला है. हमारी पहली प्राथमिकता है कि जैसे भारत पोलियो से मुक्त हो गया उसी तरह पांच साल में देश से पशुओं के लिए जानलेवा मुंहपका-खुरपा (एफएमडी) रोग का भारत से पांच साल में उन्मूलन कर दिया जाएगा.

ब्रूसेलोसिस रोग हर गांव तक पहुंचकर पशुओं को बांझ बना रहा है और इसके माध्यम से महिलाओं में भी बांझपन की शिकायत बढ़ रही है, इसका भी पूरी तरह से उन्मूलन किया जाएगा. गिरिराज सिंह ने बताया कि सरकार पशुपालक एवं किसान के हित में बेहतरीन काम रही है. दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक भारत में धान और गेहूं से अधिक वैल्यू का दूध उत्पादन होता है. एग्रीकल्चर के जीडीपी में पशुपालन की महती भूमिका है. 40 से 46 लीटर दूध देने के वाली गिर गाय का एंब्रियो ट्रांसप्लांट करवाकर तैयार नस्ल हर गांव पहुंचाया जाएगा. इससे सिर्फ बछिया पैदा होगी जो कि क्रांति होगा. इसके साथ ही सुअर एवं गरीबों के एटीएम बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी.

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