Tuesday , 18 June 2019

एनसीईआरटी की पुस्तकें उचित मूल्य पर उपलब्ध करायी जायें: दिनेश शर्मा

लखनऊ. पाठ्यक्रम को समय से पूरा कराया जा सके इसके लिए शैक्षिक पंचांग तय करें, हर महीने अध्यापक को कितना पढ़ाना है इसको अभी से निर्धारित कर लिया जाय. अंतर विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता कब होगी इसका निर्धारण किया जाए. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अच्छे तरीके से मनाये जाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक, विद्यालय के प्रबंधको के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर लें. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने आज यहां लोक भवन में उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए. डॉ दिनेश शर्मा ने नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के लिए कहा कि जिस प्रकार से पिछले वर्षों नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराई गई उसी प्रकार से आगे के लिए अभी से तैयारी प्रारंभ कर दी जाय, और उसमें किस तरह से और अधिक सुधार किया जा सकता है इस दिशा में प्रयास किये जाने के निर्देश दिये. उन्होंने सभी जिलों में पुरातन छात्र सम्मेलन सितंबर-अक्टूबर माह में संपन्न कराए जाने के निर्देश दिए. जिन विद्यालयों में परमानेंट अध्यापक नहीं हैं वहां पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को संविदा पर रखकर पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाए. उन्होंने इस अवसर पर लंबित वादों को निपटाए जाने के लिए जल्द ही अपीलीय प्राधिकरण का गठन किये जाने के भी निर्देश दिए. इस अवसर पर डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि मेधावी छात्र सम्मेलन में छात्र छात्राओं को पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपये और एक टेबलेट देने की घोषणा हुई है साथ ही शिक्षक सम्मान पुरस्कार को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं. विद्यालयों के उन्नयन के लिए निजी क्षेत्रों का भी सहयोग लिया जाए, लंबे समय से एक ही जगह पर कार्य कर रहे कार्मिकों के स्थानांतरण के बाद उन्हें उनके स्थानांतरित जगह पर ही कार्य करने के तथा उन्हें किसी कार्यालय से सम्बद्ध न किये जाने के निर्देश दिये. उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शुल्क नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन हो तथा एनसीईआरटी की पुस्तकें सही समय पर, उचित दाम पर विद्यार्थियों को उपलब्ध हों, जहां पर पुस्तकें उपलब्ध नहीं है वहां पर पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. यह जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षकों की होगी. छात्र छात्राओं को प्रकाशक के द्वारा गाइड बुक को लिए जाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता यदि ऐसा कोई प्रकरण सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने इसके भी निर्देश दिए की माध्यमिक शिक्षा निदेशक की वेबसाइट पर एनसीईआरटी पुस्तकों के दाम अंकित किए जाए, जिससे प्रकाशक छात्र-छात्राओं से ज्यादा दाम न ले पाएं. लंबित मुकदमों के उचित पैरों कारी की जिम्मेदारी भी जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई.डॉ दिनेश शर्मा ने स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के लिए निर्देश दिया कि सभी डीआईओएस वाहनों के परमिट की चेकिंग करा लें. संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तथा विद्यालय परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए. डॉ शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विश्व विद्यालयों से जो महाविद्यालय सम्बद्ध हैं उनका आकलन करके एक संतुलन बनाने के लिए कमेटी बनाकर जल्द ही अपनी रिपोर्ट दें. इस अवसर पर उन्होंने रोजगार सृजन के लिए विश्वविद्यालयों को अपने प्लेसमेंट सेल को और अधिक कारगर बनाएं जाने के लिए भी निर्देश दिए. शोधगंगा पोर्टल पर सभी शोधार्थियों के शोध कार्य अपलोड कराने का निर्देश दिया.

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