Tuesday , 18 June 2019

अखिलेश यादव को नसीहत देने का हक नहीं: भाजपा

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि जाति के नाम पर घोटाला करके दलितों व पिछड़ों को आरक्षण व अवसर दोनों से वंचित करने वाले श्री अखिलेश यादव की नसीहत की आवश्यकता नहीं है. सर्वसमाज और विशेषकर दलितों और पिडड़ों का हित भाजपा सरकार में ही संभव हुआ है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने अखिलेश यादव द्वारा आरक्षण को लेकर किये गये ट्वीट पर टिप्पणी करते हुये कहा कि अखिलेश जी के शासन में आरक्षण की धज्जियां उड़ाते हुये नौकरियों में भ्रष्टाचार के जरिये स्वजातीय लोग भरे गये, जिसके चलते पिछड़े समुदाय के अन्य वर्गों के युवाओं का जीवन खराब हो गया. ऐसे लोग जब दलितों और पिछड़ों का नाम लेकर घड़ियाली आंसू बहाते हैं तो हास्यास्प्रद होता है. उन्होंने कहा कि यह रिकार्ड रहा है कि जब भी केंद्र या राज्य में भाजपा सरकार आयी है तो दलितों व पिछड़ों का सर्वाधिक व वास्तविक कल्याण हुआ है. दलितों व पिछड़ों के नाम पर वोट बटोरने वाली कांग्रेस, सपा, बसपा या अन्य दलों का रिकार्ड इस मामले में बेहद खराब रहा है. भाजपा की अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व 10 प्रतिशत था, जबकि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रियों में से 10.5 प्रतिशत और दूसरे कार्यकाल में 10.3 प्रतिशत अनुसूचित जाति से हैं. वहीं केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व नेहरू के कार्यकाल में 3.92ः, मोरार जी देसाई के कार्यकाल में 4.17 प्रतिशत, राजीव गांधी के शासन में 3.67 प्रतिशत, वीपी सिंह के समय 2.56 प्रतिशत, मनमोहन सिंह की यूपीए-1 व 2 के कार्यकाल में क्रमशरू 6.33 व 0.86 प्रतिशत ही था. सपा व बसपा दलितों व पिछड़ों को सत्ता में भागीदारी न देने वाले यूपीए सरकार में सहयोगी रही हैं. श्रीवास्तव ने कहा कि देश में अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग के सर्वाधिक सांसद व विधायक भाजपा के हैं. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ही पिछड़े वर्ग की 40 वर्ष की मांग को पूरा करते हुये राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को संसद में कानून पारित कराकर संवैधानिक दर्जा प्रदान किया. इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये मुद्रा योजना में इन समुदायों के लिये विशेष प्रावधान किया तथा स्टैंड अप इंडिया कार्यक्रम चलाकर देश के बैंकों की ढाई लाख से अधिक सभी शाखाओं को अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के एक-एक व्यक्ति को वित्त, परामर्श व सुविधा उपलब्ध कराकर उद्यमी बनाने का कदम बढ़ाया.

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