Thursday , 20 June 2019

सऊदी को इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया: मौलाना कलबे जवाद

लखनऊ. सऊदी अरब के आतंकवाद और जन्नतुल बकी के विधवंस और पवित्र मजारों के पुनः निर्माण के लिए आज नमाजे जुमा के बाद आसिफी मस्जिद में मौलाना सै.कलबे जवाद नकवी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन कारियों ने आले सऊद के इस्लाम विरोधी कारनामों के खिघ्लाफ प्रदर्शन करते हुए भारत सरकार से मांग की है कि वह आतंकवादियों के सरपस्तों के साथ अपने डेप्लोमेटिक सम्बंधों को खघ्त्म करें.
प्रदर्शन कारियों को सम्बोधित करते हुए मजलिसे ओलमाए हिन्द के जनरल सेक्रेटरी मौलाना सै. कलबे जवाद नकवी ने कहा कि सऊदी हुकूमत एक आतंकवादी राज्य है. जिसने इजराईल और अमरिका के नेतृत्व में पूरी दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है. मौलाना ने कहा कि जन्नतुल बकी में रसूल की बेटी हजरत फातिमा जहरा(स.अ.), अइम्माए मासूमीन और सालेहीन के मजार है जिन्हें सालों पहले आले सऊद ने ढाकर अपने आतंकवाद का सुबूत दिया था. हम आज भी आले सऊद के इस्लाम विरोधी कारनामों के खिघ्लाफ प्रदर्शन कर रहे है और मांग करते है कि जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण की इजाजत दी जाए. मौलाना ने भारत सरकार से कहा कि भारत सरकार ने हमेशा मजलूमों की हिमायत की है. मगर जब से भारत में इजराइल का दूतावास खुला है तब से भारत में भी आतंकवादी घटनाये होने लगी है. भारत समेत पूरी दुनिया में जहा कही आकंतवादी घटनाये हो रही है उन्के पीछे सऊदी अरब, इजराइल और अमरिका जैसी ताकते है. जिनका अंतर्राष्ट्री स्तर पर बायकाॅट जरूरी है इसके बिना दुनिया से आकंतवाद का अन्त नहीं हो सकता. मौलाना ने कहा कि आले सऊद को हमेशा इस्लाम और मुसलमालों के खिघ्लाफ इस्तेमाल किया गया है और आज भी इस्तेमाल किया जा रहा है. आज ईरान के खिघ्लाफ अमरिका और इजराईल और सऊदी अरब और उसके साथी देशों को इस्तेमाल कर रहे है ताकि ईरान के जरिये उठाए गये उन मसाएल को खघ्त्म किया जा सके जो इस्लाम और मुसलमानों से सम्बन्धित है लेकिन वह दिन दूर नहीं जब यह सभी इस्लाम दुश्मन ताकतों खघ्लीज-ए-फारस में दफ्न हो जायेंगी.
प्रदर्शन के आखिघ्र में मो. बिन सलमान, शाह सलमान, डोनाल्ड ट्रमप और नेतन याहू की तस्वीरों को जला कर विरोध दर्ज कराया गया. प्रदर्शन में मौलाना रजा हुसैन, मौलाना मन्जर अली आरफी, मौलाना शबाहत हुसैन, मौलाना फिरोज हुसैन, मौलाना हसन जाफर, मौलाना शाहिद उल हुसैनी, मौलाना सरकार हुसैन, और अन्य ओलमा ने भाग लेकर आकतंवाद के खिघ्लाफ आवाजा उठायी. प्रदर्शन के अन्त में संयुक्त राष्ट्र और भारत सरकार को ज्ञापन भी भेजा गया. ज्ञापन में मांग की गई है कि सऊदी अरब पर जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण के लिए दबाव बनाया जाये या मुसलमानों को पुनः निर्माण की इजाजत दी जाये.संयुक्त राष्ट्र सऊदी अरब के जुर्म का हिसाब किताब करे और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद की पुश्त पनाही के जुर्म में सऊदी अरब और उसके साथी देशों पर अंतर्राष्ट्रीय अदालत में मुकदमा चलाया जाये.सऊदी अरब के जरियें यमन, शाम, और अन्य देशों में जारी आतंकवाद पर रोक लगायी जाये और उसका बाॅॅयकाट किया जाये.भारत सरकार सऊदी अरब, अमरिका और इजराइल से डेप्लोमेटिक सम्बन्ध को खघ्त्म करें.जन्नतुल बकी के पुनः निर्माण के लिए भारत हस्तक्षेप करे और पवित्र मजारों के पुनः निर्माण के लिए हर मुम्किन मदद करें.

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