Sunday , 21 July 2019

बाढ़ के मद्देनजर जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए काजीरंगा प्रशासन सतर्क

काजीरंगा (असम), 11 जुलाई (उदयपुर किरण). यहां के राष्ट्रीय उद्यान का 40 फीसदी हिस्सा वर्तमान में ब्रह्मपुत्र के जलस्तर में हुई वृद्धि के चलते जलमग्न हो गया है. बूढ़ापहाड़ समंडल के ऊंचाई वाले वन शिविर को छोड़कर सभी वन शिविर इन दिनों पानी के बीच घिर गए हैं. इसके मद्देनजर काजीरंगा प्रशासन ने उद्यान के जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए कमर कस लिया है.

काजीरंगा प्रशासन ने बताया है कि इस बार की बरसात और बाढ़ को देखते हुए काजीरंगा में 33 हाईलैंड बनाए गए हैं. हालांकि, पहले से ही 200 हाईलैंड मौजूद हैं. लगभग 200 नावों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी के साथ हाल ही में काजीरंगा की सुरक्षा के लिए गठित एसआरपीएफ को भी सुरक्षा में तैनात किया जाएगा.

बताया गया है कि उद्यान के आसपास के गांवों में सजगता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे आश्रय के लिए जंगल से आने वाले जीवों की सुरक्षा की जा सके.

राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित किया गया है, जिससे उद्यान से ऊंचाई की ओर जाने वाले जीव-जंतु वाहनों की चपेट में न आएं.

उल्लेखनीय है कि टाइम-कार्ड 11 फरवरी, 1978 को केंद्र सरकार ने 430 वर्ग किमी की भूमि को काजीरंगा उद्यान के रूप में अनुष्ठानिक रूप से स्वीकृति प्रदान की थी. वर्ष 1985 में काजीरंगा को यूनेस्को के विश्व ऐतिहासिक क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया था.

 

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