Sunday , 21 July 2019

ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए 50 देशों के राजनयिकों के साथ हुई बैठक

 शिमला, 11 जुलाई (उदयपुर किरण). हिमाचल प्रदेश उस समय ऐतिहासिक पलों का साक्षी बना जब New Delhi में विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट को सफल बनाने के उद्देश्य से लगभग 50 देशों के राजनयिकों को राज्य में निवेश की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया. उनसे आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने देश के उद्यमियों, निवेशकों तथा व्यापार संघों को हिमाचल में अपनी पसंद के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर निवेश करने के लिए प्रेरित व सहयोग करें.

इस अवसर पर विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरण ने कहा कि धर्मशाला में 7 व 8 नवंबर को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में पूरे विश्व के निवेशकों व व्यापार संघों को आमंत्रित किया जाना राज्य सरकार की एक अनूठी व अनुकरणीय पहल है और विदेश मंत्रालय इसमें फैसिलिटेटर की भूमिका निभाएगा. उन्होंने हिमाचल की आर्थिकी को समृद्ध करने और इसे देश-विदेश के निवेशकों का पसंदीदा निवेश स्थल बनाने बारे मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के विजन व राज्य सरकार की नीतियां की सराहना की.  उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और केंद्र सरकार ने मेक-इन इंडिया व स्टार्टअप-इंडिया जैसे कार्यक्रम शुरू करके देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करने की कारगर पहल की है.

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरण ने कहा कि वर्षों से नीति-निमार्ता इस विषय पर चर्चा करते रहे हैं कि भारत में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को कैसे तीव्र करते हुए भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाए लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने मेक इन इंडिया’ अभियान का श्रीगणेश करके यह काम कर दिखाया है. उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य निवेश को सुविधाजनक बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना, कौशल विकास में वृद्धि करना, बौद्धिक संपदा को सुरक्षा देना तथा सर्वोत्तम श्रेणी का मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्मित करना है.

उन्होंने कहा धौलाधार कि नयनाभिराम पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे धर्मशाला नगर में वैश्विक इन्वेस्टर मीट आयोजित होने से राज्य में पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे, विश्व भर से आए लोग हिमाचल प्रदेश की गौरवपूर्ण संस्कृति व परंपराओं से भी साक्षात्कार कर पाएंगे. उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास रंग लाएंगे और हिमाचल प्रदेश वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर दुनिया के मानचित्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएगा.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित होने वाली प्रथम ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को मूर्त रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा प्राकृतिक सौंदर्य व प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध हिमाचल में बेहतर अधोसंरचना, निवेश मैत्री माहौल, शांत वातावरण और सरकार की उदार नीतियां संभावित निवेशकों तथा प्रदेश के लोगों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होंगे.  उन्होंने कहा प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के प्रयासों में प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरणा ले रही है जिन्होंने भारत की आर्थिकी को वर्ष 2024 तक 5 खरब डालर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

 

 

 

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