नगर पालिका व कडाणा विभाग की भूमि पर बना फर्जी पट्टा
राजस्व जांच में खुलासा, करोड़ों की रजिस्ट्री रद्द होने के आसार
योगेन्द्र सिंह राठौड
डूंगरपुर (पुकार). शहर के डूंगरपुर मुख्य मार्ग पर करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर Èर्जी तरीके से पट्टा बनवाकर रजिस्ट्री कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. राजस्व विभाग की प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि विवादित भूमि नगर पालिका सागवाडा और कडाणा विभाग के नाम दर्ज है, जबकि कथित भूमाÈिया ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस पर कब्जे का दावा किया.
75 Èीट की जमीन पर बना 60&90 Èीट का पट्टा !
जांच टीम की रिपोर्ट में सामने आया कि पोस्ट ऑÈिस और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीच मात्र 75 Èीट जमीन है जिसमें से 31 Èीट कडाणा विभाग और 44 Èीट नगर पालिका सागवाडा की जमीन है. बावजूद इसके, भूमाÈिया ने 60&90 Èीट का नकली पट्टा बनवाकर भूमि की रजिस्ट्री करा ली.
कलेक्टर ने गठित की विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया है. टीम में ओबरी राजस्व अधिकारी, नायब तहसीलदार सरोदा, माही नहर परियोजना के सहायक अभियंता, भू-अभिलेख पाडवा और पटवारी गोवाडी को शामिल किया गया.
प्रारंभिक जांच में
पट्टा Èर्जी साबित
राजस्व रिकॉर्ड में कथित पट्टाधारी का नाम किसी भी खसरे में दर्ज नहीं पाया गया. रिपोर्ट में यह पट्टा प्रथम दृष्टया Èर्जी पाया गया है, जिसके बाद रजिस्ट्री रद्द होने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.
Èर्जी एनओसी से हुआ सरकारी संपत्ति का सौदा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कडाणा विभाग की Èर्जी एनओसी तैयार कराई और इसी के आधार पर तहसील स्तर पर रजिस्ट्री करा दी. जबकि रिकॉर्ड में यह भूमि पहले कडाणा विभाग और बाद में नियमानुसार नगर पालिका सागवाडा के नाम दर्ज है.
