Thursday , 16 August 2018

सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए युवा आगे आएं : बिन्नी

नई दिल्ली, 12 अगस्त (उदयपुर किरण). अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कम्युनिकेशन स्किल के क्षेत्र में कार्य करने वाली चर्चित संस्था ब्रिटिश लिंग्वा ने अपने लक्ष्मीनगर स्थित सभागार में रविवार को एक परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया.

परिचर्चा का विषय था ‘आज के युवा एवं सामाजिक कार्य.’ परिचर्चा को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली विधानसभा के पूर्व विधायक विनोद बिन्नी ने कहा, आज समाज में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री बहुत ही बड़ी समस्या बन गई है. लोग बेमौत मर रहे हैं. सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है. लोग अपनी गाढ़ी कमाई को इलाज के नाम पर लुटाने को मजबूर हो रहे हैं. आज लोगों के सपने टूट रहे हैं.

विशेष अतिथि के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के वरीय प्राध्यपक डॉ़ अरुण कुमार झा ने कहा, परिवर्तन प्रकृति का नियम है. युवा परिवर्तन के वाहक होते हैं.

डॉ. झा ने ब्रिटिश लिंग्वा की सराहना करते हुए कहा, यह संस्था ढाई दशक से सामाजिक उत्थान में अहम भूमिका निभा रही है. अंग्रेजी के माध्यम से डॉ. बीरबल झा लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाने में सफल रहे हैं और हम उनसे आग्रह करेंगे कि इसे और रफ्तार दें और समता मूलक समाज की स्थापना में सहयोग करें.

डॉ. रत्ना प्रिय ने विश्व युवा दिवस पर युवाओं का आह्वान किया कि वे किसी भी तरह की बुरी आदत को न पालें. आजकल देखने में आ रहा है कि बड़ी संख्या में युवा मादक पदार्थों की गिरफ्त में आकर अपने करियर को चौपट कर बैठते हैं. इसलिए वे ऐसी कोई भी आदत से युवा बचें.

आशीष झा कोइलखिया ने कहा, युवा यदि तय कर लें की समाज में परिवर्तन लाना है तो इसे कोई नहीं रोक सकता. इतिहास इसका साक्षी रहा है. दुनिया के हरेक क्रांति में युवाओं की अहम भूमिका रही है.

जाने-माने लेखक एवं ब्रिटिश लिंग्वा के प्रबंध निदेशक डॉ. बीरबल झा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति से ही समाज का निर्माण होता है. व्यक्ति यदि अच्छा होगा तो समाज भी अच्छा होगा. व्यक्ति जब आत्मनिर्भर होगा तो समाज भी आत्मनिर्भर होगा और देश भी.

कार्यक्रम में संस्था की छात्रा मनदीप कौर ने ‘आज हमारे देश की जरूरत है-जरूरत है

..देश की तरक्की में हर युवा की जरूरत है.’ गीत गाकर समां बांध दिया. इस गीत के धुन को सुर-ताल में पिरोया प्रसिद्ध तबलावादक अमरेंद्र झा ने. इस गीत की रचना डॉ. बीरबल झा ने की है.

ब्रिटिश लिंग्वा विगत ढाई दशक से छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए सामाजिक मुद्दों पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है.

Report By Udaipur Kiran

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