Thursday , 16 August 2018

कन्हैया के करीबी जयंत जिज्ञासु का एआईएसएफ और पार्टी से इस्तीफा, कहा – पिछड़े-दलित-आदिवासी का नेतृत्व इन्हें स्वीकार्य नहीं

नई दिल्ली: जेएनयू में छात्र नेता व तथाकथित भारत विरोधी नारे को लेकर मशहूर हुए कन्हैया कुमार पर उनके काफी करीबी माने जाने वाले साथी जयंत जिज्ञासु ने गंभीर आरोप लगाते हुए एआईएसएफ और कम्युनिस्ट पार्टी से इस्तीफा दे दिया है तथा कहा कि कॉमरेड, संगठन और पार्टी में एक पूरा पैटर्न दिखता है कि शोषित-उपेक्षित-वंचित-लांछित-उत्पीड़ित लोगों को बंधुआ मज़दूर समझ कर उनके साथ व्यवहार किया जाता रहा है. झंडा कोई ढोता है, नेता कोई और बनता है. अपमानित करने के इतने तरीक़े ईज़ाद कर लिए गए हैं कि उनसे निबटना कोई आसान काम नहीं. पिछले तीन वर्षों से बड़े क़रीब से देख रहा हूँ कि चाहे कितना भी समर्पण के साथ आप संगठन के लिए काम कर लें, आपके ऊपर मेडियोकर क़िस्म के लोग को लेगपुलिंग के लिए लगा दिया जाता है. दलित-पिछड़े-आदिवासी-अकलियत किन्हीं के भी नेतृत्व में काम कर लेते हैं, मगर तथाकथित उच्च जातियों के लोगों को पिछड़े-दलित-आदिवासी का नेतृत्व सहज भाव से स्वीकार्य नहीं है. ह्युमिलिएट करने के इतने लेयर्स हैं कि कहाँ-कहाँ से बचा जाए, जूझा जाए.
जिज्ञासु ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है कि हमारा जनसंगठन एआइएसएफ और हमारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कुछ बुनियादी सिद्धांतों व लोकोन्मुखी नीतियों को लेकर वुजूद में आए. जन-अपेक्षाओं, जनाक्रोश व जनदबाव को समझना हमारा फर्ज़ रहा है. वैश्विक हलचल, जहाँ पूंजीवादी ताक़तें इस कदर हावी हैं कि जनपोषित विश्वविद्यालयों को ढाहने का इशारा है, 13 प्वाइंट रोस्टर के माध्यम से आरक्षण को चकनाचूर किया जा रहा है व मुल्क के अंदर लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमले किये जा रहे हैं; ऐसे दौर में जहां समाजवादी लक्ष्य की ओर बढ़ना था; वहाँ व्यक्तिवादी एजेंडे को लगातार संगठन व पार्टी में बढ़ावा दिया जा रहा है. यह कोई अनायास व अकारण नहीं है कि पूरे तंत्र को ध्वस्त करने में कुछ लोग लगे हुए हैं. यह कोई नेतृत्व के संकट का सवाल भी नहीं है, बल्कि पूरी संरचना ही अपने आप में अभिजात्य सवर्णवादी वर्चस्व के तानेबाने का संकेत देती है.
जयंत का पूरा इस्तीफा व फेसबुक स्टेटस इस लिंक पर देख सकते हैं –

AISF व CPI की प्राथमिक सदस्यता सहित AISF, जेएनयू युनिट के सेक्रेटरी पद से इस्तीफ़ा:सुधाकर रेड्डी जी, …

Posted by Saturday, August 11, 2018

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*