Saturday , 27 November 2021
J&k : बेटी इल्तिजा ने संभाली मां महबूबा मुफ्ती के ट्वीटर की कमान

J&k : बेटी इल्तिजा ने संभाली मां महबूबा मुफ्ती के ट्वीटर की कमान

श्रीनगर.जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का ट्वीटर एकाउंट शुक्रवार शाम को अचानक शुरू हुआ. दरअसल उनका यह एकाउंट उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती संभाल रही हैं. महबूबा मुफ्ती ने अपने इस एकाउंट में आखिरी बार पांच अगस्त को पोस्ट किया था. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने के बाद से ही उन्हें श्रीनगर में नजरबंद कर दिया गया था. महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने अपनी मां के एकाउंट पर पोस्ट करते हुए उनके प्रशंसकों व समर्थकों को यह जानकारी दी कि उनकी मां के रिहा होने तक वह ही इसका संचालन करेंगी. वहीं इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में यह जानकारी दी कि उन्होंने 18 सितंबर को केंद्रीय गृह सचिव और जम्मू-कश्मीर गृह सचिव को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने अपनी मां की आेर से कुछ जानकारी मांगी थी, लेकिन दो दिन बाद भी इसका कोई जवाब नहीं मिला. इल्तिजा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपनी मां से मिली थी. इल्तिजा ने चिन्नइ से केंद्रीय गृह सचिव और जम्मू-कश्मीर गृह सचिव को लिखे गए पत्र को सांझा करते हुए बताया कि जब वह अपनी मां से मिली तो उन्होंने केंद्र व जिला प्रशासन से कुछ जानकारियां जुटाने के लिए कहा था. उन्होंने इस पत्र के माध्यम से वही जानकारियां सरकार से देने का आग्रह किया. परंतु अफसोस की बात है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया.
महबूबा मुफ्ती द्वारा मांगी गई जानकारी में हिरासत में लिए गए सभी लोगों और उनकी वर्तमान स्थिति का विवरण देने को कहा गया है. यही नहीं हिरासत में लिए गए लोगों में कितने नाबालिग और महिलाएं शामिल हैं, कि जानकारी भी मांगी गई है. इल्तिजा ने कहा कि उनकी मां को हिरासत में कोई भी समाचार पत्र या फिर अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है. इसीिलए उन्हें जम्मू-कश्मीर में हो रही गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. उन्हें सिर्फ वही जानकारी मिलती है जो कि वह या फिर अन्य परिजन उनसे मिलने के दौरान बताते हैं. उनकी मां राज्य के हालात को लेकर काफी चिंतित हैं. विशेषकर उन लोगों के बारे में जिन्हें हिरासत में लिया गया है. सनद रहे कि महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला सहित कई राजनीतिक नेताओं और अलगाववादियों को 5 अगस्त से नजरबंद रखा गया है. हालांकि अब कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं परंतु उसके बावजूद इन राजनीतिज्ञों को कब रिहा किया जाएगा इस बारे में कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा रहा है.