Sunday , 28 November 2021
माहौल सही रखो और सुरक्षा दो… अपने इंजीनियरों की हत्या के बाद पाकिस्तान से बोला चीन

माहौल सही रखो और सुरक्षा दो… अपने इंजीनियरों की हत्या के बाद पाकिस्तान से बोला चीन

बीजिंग:चीन ने बुधवार को अपने सदाबहार सहयोगी पाकिस्तान से 60 अरब डॉलर की सीपीईसी परियोजनाओं पर काम कर रहे हजारों चीनी नागरिकों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने को कहा है. जाहिर तौर पर ये सभी सुरक्षा और निर्माण की धीमी गति पर चिंता जता रहे थे. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना है. यह चीन के झिंजियांग प्रांत को बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ता है.

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि चीनी निवेशक परियोजनाओं पर निर्माण की धीमी गति से चिंतित हैं.

सोमवार को पाकिस्तानी अधिकारियों ने पाकिस्तान स्थित चीनी कंपनियों की एक बैठक की मेजबानी की और उन्हें देश में निवेश के और अवसरों के बारे में जानकारी दी. उनकी प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “हमें उम्मीद है कि पाकिस्तानी पक्ष पाकिस्तान में व्यापार करने वाली चीनी कंपनियों के लिए अधिक सक्षम स्थिति और सुविधा प्रदान करेगा.” हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया.

झाओ ने कहा, “हमें विश्वास है कि हम कृषि, औद्योगिक विकास, लोगों की आजीविका पर बेहतर ध्यान देंगे. मौजूदा परियोजनाओं के अच्छे संचालन को सुनिश्चित करते हुए हम इसे एक बेहतर परियोजना बनाने की कोशिश करेंगे.”

हाल के महीनों में कई हमलों के बाद चीन पाकिस्तान से सीपीईसी की विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे अपने हजारों कामगारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहता रहा है. इस साल अगस्त में, ऊपरी कोहिस्तान जिले के दसू इलाके में चीनी इंजीनियरों को ले जा रही एक बस पर हुए बम हमले में नौ चीनी कर्मियों सहित 13 लोग मारे गए थे और कई घायल हो गए थे. यहां एक चीनी कंपनी सिंधु नदी पर 4,300 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना का निर्माण कर रही है. .

पाकिस्तान की ओर से पहले कहा गया है कि यह गैस विस्फोट हो सकता है. हालांकि, चीन ने एक विशेष टीम भेजी थी. इसके बाद पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि यह एक बम विस्फोट था.

सीपीईसी 2013 से पूरे पाकिस्तान में निर्माणाधीन बुनियादी ढांचे और अन्य परियोजनाओं का एक संग्रह है. 2017 तक परियोजनाओं की कीमत 62 अरब अमरीकी डॉलर थी. भारत ने सीपीईसी पर चीन का विरोध किया है क्योंकि इसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के माध्यम से रखा जा रहा है.

BRI को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा 2013 में सत्ता में आने पर लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है. बीआरआई को चीन द्वारा दुनिया भर में चीनी निवेश द्वारा वित्त पोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ विदेशों में अपने प्रभाव को आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है.