Thursday , 16 August 2018

5 महीने का भ्रूण मिला, क्षेत्र में झोलाछापों की भरमार, उन पर ही शक

सीमलवाड़ा. कस्बे में रविवार सुबह पांच महीने का भ्रूण मिलने के बाद सनसनी फैल गई. यह जहां भ्रूण मिला है उसके आसपास कई झोलाछाप चिकित्सकों के दवाखाने हैं, जिन्हें चिकित्सा विभाग ने चार महीने पहले कार्रवाई कर सील कर दिया था. इन क्लिनिक पर गर्भपात से लेकर कई तरह की अवैध दवाइयां भी मिली थी, लेकिन झोलाछापों ने एक बार फिर अपनी अपनी दुकानें खोल दी हैं. पुलिस भी मामले में इसी पहलू पर जांच करने की बात कर रही है. जानकारी के अनुसार सीमलवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड परिसर में भ्रूण मिलने की सूचना पर पुलिस चौकी प्रभारी एसआई दिलीपसिंह शक्तावत मौके पर पहुंचे. भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल ले गए. लेकिन इंतजाम नहीं होने के कारण डूंगरपुर अस्पताल के लिए रवाना करना पड़ा. डॉक्टरों के मुताबिक यह भ्रूण पांच महीने का है और अर्ध विकसित है. भ्रूण सीमलवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड के पास मिला है. इसके आसपास झोलाछाप के कई फर्जी दवाखाने हैं, जहां अवैध तरीके से गर्भपात भी करवाया जाता है.

भ्रूण मिलने की घटना के बाद बस स्टैंड के आसपास के कई झोलाछाप अपने क्लिनिक बंद कर भाग गए, ताकि घटना के बाद सबसे पहली कार्रवाई उन पर ही नहीं हो जाए. इससे झोलाछाप ने अपने क्लिनिक पहले ही बंद कर दिए.  भ्रूण मिलने की घटना के बाद जमा भीड़ और आसपास झोलाछाप के दवाखाने. चिकित्सा विभाग, प्रशासन की ओर से चार महीने पहले इन झोलाछाप पर सबसे बड़ी कार्रवाई की गई. उस समय झोलाछाप के इन फर्जी क्लिनिक पर छापे मारे और उनके दवाखानों में अवैध दवाइयों के अलावा मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड लगे हुए मिले थे. इन झोलाछाप के पास किसी तरह की डिग्री तक नहीं थी. इस कारण चिकित्सा विभाग ने ऐसे झोलाछाप के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज करवाए गए. मामले में पुलिस ने चार झोलाछाप को गिरफ्तार भी किया गया, लेकिन कुछ जेल से छूटकर आते ही एक बार फिर इन झोलाछाप ने अपने फर्जी क्लिनिक खोल दिए. ऐसे में लोग इन फर्जी दवाखानों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से चिकित्सा विभाग पर भी कई सवाल खड़े कर रहे है.

ब्लॉक सीएचएमओ डॉ. नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि पूर्व में प्रशासन और विभाग की ओर से फर्जी दवाखानों पर कार्रवाई की गई थी. उस समय काफी मात्रा में अवैध दवाइयां मिली थी. हमने कार्रवाई करते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया से वह बच गए और फिर से दुकानें भी खोल ली है. हम इन झोलाछाप पर कार्रवाई करने जाते हैं तो आसपास के लोग ही उन्हें बचाने के लिए आ जाते हैं.

Report By Udaipur Kiran

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