Thursday , 16 August 2018

इंजीनियरिंग छात्र की मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज, 8 नामजद

डूंगरपुर. दो दिन पहले रिश्तेदारी में एक शोक कार्यक्रम में भाई और मां को छोड़कर जा रहे इंजीनियरिंग छात्र का शव जंगल में फंदे से लटका हुआ मिलने के बाद रविवार को दूसरे दिन भी हंगामा चलता रहा. पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने 8 जनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया. इसके बाद परिजन आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए. पुलिस ने भरोसा दिलाया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. जानकारी के अनुसार मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र लांबा भाटडा ननोमा फला निवासी जगदीश ननोमा मीणा (25) का शव मोदर घाटा के जंगल में सागवान के पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला था. शव मिलने के बाद से ही परिजन जगदीश की हत्या का आरोप लगाते हुए संदेह जता रहे थे. पुलिस ने भी मामले में रिपोर्ट पर कार्रवाई करने की बात कही. इस पर जगदीश के पिता कावा ननोमा मीणा ने हत्या का केस दर्ज करवाया है.

रिपोर्ट में बताया है कि 9 अगस्त को उसका बेटा जगदीश गांव चुंडावाड़ा के सेंगाल महुड़ी में जीवा के पुत्र डाया की मौत हो जाने से वहां बैठने गए थे. वहां से वापस अपनी बाइक पर घर आ रहा था कि चुंडावाड़ा में शराब की दुकान पर शाम करीब 4 बजे आरोपी पंकेश और चंदू शराब पी रहे थे. आरोपियों ने जगदीश को देखकर रोक लिया और फिर लातों-घुसों व चाकू से मारपीट शुरू कर दी. आरोपियों ने जगदीश की हत्या कर फंदे से लटका दिया. उसी समय विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम से लौट रहे बंशी ननोमा, संजू ननोमा और राजेश ननोमा भी आ रहे थे. उनके साथ भी आरोपियों ने मारपीट की और चोंटें पहुंचाई. लेकिन तीनों ही मौके से भाग छूटे. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर माने और फिर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा गया. पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर हत्या का केस दर्ज कर जांच थानाधिकारी सुनील शर्मा की ओर से की जा रही है.

पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने चुंडावाड़ा लांबा भाटड़ा निवासी चंदू पुत्र विका मनात मीणा, पंकेश उर्फ पिका पुत्र नरसी मनात मीणा, अरविंद पुत्र हीरा मनात, हरीश पुत्र विका मनात, जीवा पुत्र थाना मनात, नरसी पुत्र हीरा मनात, समरा पुत्र थाना मनात और सुरेश पुत्र नरसी मनात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है. मृतक जगदीश के पास से मोबाइल भी मिला है. ऐसे में पुलिस को मोबाइल के जरिए भी उसकी मौत से जुड़े कुछ सबूत मिल सकते है. पुलिस पता करने का प्रयास कर रही है कि मृतक जगदीश ने उस दिन या इससे पहले सबसे ज्यादा बात किस नंबर पर की है और उसके पास किस-किस के फोन आए थे. कॉल डिटेल आने के बाद पुलिस संदिग्धों से भी पड़ताल कर सकती है, जिससे की कई खुलासे हो सकते है.

Report By Udaipur Kiran

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*