भारत माता के जयकारों से गूंजा सूरजपोल, वंदे मातरम् की गूंज से राष्ट्रीय एकता का हुआ महानाद

गुरूवार को उदयश्याम मंदिर में महाआरती, पिछोला में पहली बार होगा कयाकिंग प्रदर्शन

उदयपुर, (पुकार).

अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति द्वारा नव संवत्सर 2082 के कार्य क्रमो के अंतर्गत आलोक संस्थान और बजरंग सेना मेवाड़ के संयुक्त तत्वावधान में आज सूरजपोल पर भारत माता का पूजन, आरती और राष्ट्र आराधना के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने की.

 

अपने उद्बोधन में डॉ. कुमावत ने कहा कि संसार में केवल भारत को ही माता का दर्जा प्राप्त है. न अमेरिका माता है, न रूस, न ब्रिटेन. भारत माता ही एकमात्र ऐसी भूमि है जो छः ऋतुओं के साथ मानव शरीर और मानसिकता के अनुरूप प्राकृतिक संतुलन प्रदान करती है. यही कारण है कि भारत भूमि को देवभूमि कहा गया है. भगवान ने भी इसी भूमि को अवतरण के लिए चुना, इसलिए भारत माता का पूजन हर घर और हर स्थान पर होना चाहिए.

 

कार्यक्रम संयोजक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि इस अवसर पर सुप्रसिद्ध टेगोर की कृति, भारत माता के प्रथम चित्र, की आरती की गई. इसके पश्चात वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर राष्ट्र भक्ति का भाव जागृत किया गया.

 

संवत्सर समान – इस अवसर पर समाज मे योगदान देने के लिए सुखवाल साहू, विशवेंद्र सिंह, हरक लाल दुगद्, चंद्र प्रकाश भगवानी, श्याम लाल झगदावत, जितेंद् कालरा, मुकेश वाधवानी, संजय पारिख, प्रकाश आहूजा, यशवंत कटारिया, दिनेश चेचानी, निर्मल जैन, विजय किंगरानी, सुरेंद्र बाबेल, सुरेश अस्वानी, उमेश गखरेजा, जय शंकर राय, जयेश चम्पावत, सुशील तलेसरा को संवत्सर समान से समानित किया गया!

 

इस अवसर पर कमलेंद्र सिंह पवार, शिव सिंह सोलंकी, भूपेंद्र सिंह भाटी, यशवंत पालीवाल, हिरा लाल सोनी नाहर सिंह, श्याम बाबा, सुनील कालरा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के किशोर सिंह शेखावत सतपाल डोडिया, यादवेंद्र सिंह, रण विजय पवार, चंद्र वीर सिंह, डॉ नरेंद्र पालीवाल, , पुखराज राजपुरोहित, निश्चय कुमावत, शशांक टाँक, प्रतीक कुमावत, बसन्त कुवर राठौड़, कृष्ण कुवार राठौड़, करण वीर सिंह राठौड़, मुकेश सिंह रावत, रिसभ सिंह गहलोत, हेमेंद्र कुमावत, सहित सर्व समाज संत, बापू बाजार व्यापार संघ के पदाधिकारी, सदस्य, करणी सेना मातृ शक्ति के सदस्य उपस्थित थे!

 

27 मार्च को होगा विशेष आयोजन
समन्वयक शशांक टांक ने बताया कि आज ( 27 मार्च को) राजस्थान कयाकिंग एंड केनोइंग एसोसिएशन, क्रीड़ा भारती और समिधा संस्थान के संयुक्त प्रयास से पहली बार पिछोला झील में कयाकिंग प्रदर्शन और रोमांचक करतब प्रस्तुत किए जाएंगे. यह आयोजन परशुराम घाट, अंबापोल से गणगौर घाट तक होगा, जिसे चांदपोल पुल, जोधसिंह जी की पुलिया और गणगौर घाट से देखा जा सकेगा.
इसके बाद हिंगलाज माता की ज्योति से मशाल प्रज्वलित कर उदयश्याम मंदिर (मेवाड़ विरासत) तक ले जाई जाएगी, जहां भव्य आरती और पूजन और आतिशबाजी का आयोजन होगा. इस आयोजन के माध्यम से नवसंवत्सर का दिव्य उत्सव, भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा.