Sunday , 28 November 2021
भारतीय और इजरायली साथ आते हैं तो होती हैं आश्चर्यजनक चीजें : नफ्ताली बेनेट

भारतीय और इजरायली साथ आते हैं तो होती हैं आश्चर्यजनक चीजें : नफ्ताली बेनेट

बेंगलुरु: इजरायल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने बुधवार को कहा कि जब भारतीय और इजरायली साथ आते हैं तो आश्चर्यजनक चीजें होती हैं. उन्होंने दोनों देशों के बीच भविष्य की संभावनाएं तलाशने के लिए जल्द ही भारत यात्रा पर आने की उम्मीद भी जताई. हालांकि भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने नई दिल्ली में बताया कि अभी प्रधानमंत्री बेनेट की भारत यात्रा की तिथि तय नहीं है, लेकिन वह अगले साल के मध्य में भारत आ सकते हैं.

बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस)-2021 में अपने वीडियो संदेश में बेनेट ने कहा, ‘कुछ हफ्ते पहले मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी (नरेन्द्र मोदी) से मिला था और हमने भारत-इजरायल संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के कई उपायों पर बातचीत की थी. विशेष रूप से हमारे देशों के बीच भविष्य का प्रौद्योगिकीय सहयोग जो हमारी महान साझेदारी को नवाचार की एक ताकत में बदल सकता है. उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी में न केवल जीवन में मदद करने की शक्ति है, बल्कि जीवन को बचाने की भी शक्ति है. यदि दोनों देश अपनी ताकत मिला दें और अपना दिमाग लगाएं तो अवसर अनंत हैं. बेनेट ने कहा, ‘मैं हमेशा कहता हूं कि अद्भुत लोग अद्भुत चीजें कर सकते हैं. भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और उसके पास व्यापक डिजिटल विशेषज्ञता है. इजराइल दुनिया के अग्रणी नवाचार देशों में से एक है.’

आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उनका देश बेंगलुरु में नया महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने का इच्छुक है जिससे भारत में आस्ट्रेलिया के राजनयिक पदों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी. उन्होंने कहा, बेंगलुरु दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होता तकनीकी केंद्र है और आस्ट्रेलिया इसका हिस्सा बनना चाहता है. भारत की यूनिकार्न कंपनियों का एक तिहाई यहां है. मारिसन ने यह भी कहा कि उनका देश पहले ‘सिडनी डायलाग’ की शुरुआत भी करने वाला है. वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को इस सम्मेलन को संबोधित करेंगे.

तीन दिवसीय समिट के उद्घाटन के बाद उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि देश में डिजिटल और प्रौद्योगिकीय बदलाव लाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि लोगों की बेहतरी के लिए व्यवस्था और देश में बदलाव ही लक्ष्य होना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में डिजिटल भारत कार्यक्रम जारी है और हमने आधार जैसी सुविधा से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और लोगों तक विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की है.

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कदम बहुत महत्वपूर्ण हैं. वह निजी क्षेत्र की भागीदारी का भी आग्रह करते हैं. मालूम हो कि बेंगलुरु टेक समिट को एशिया का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी सम्मेलन माना जाता है. उपराष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘बेंगलुरु एक जीवंत शहर है, भारत एक जीवंत देश है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सूचना एवं प्रौद्योगिकी सहित अन्य मंचों के इस्तेमाल में पूरे तंत्र में बदलाव लाने की ओर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं. आप अपना कर्तव्य निभाते रहिए, आप आगे बढ़ते रहेंगे. मैं यही संदेश देना चाहता हूं.’