सुथार समाज ने सायरा थाने पर किया प्रदर्शन
गोगुंदा (गोपाल लोढ़ा)
सायरा थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ जबरदस्ती मारपीट कर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में सुथार समाज के लोगों और ग्रामीणों ने गुरुवार को थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया.
समाज के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. पदराड़ा गांव निवासी खूबीलाल सुथार पुत्र उदयलाल ने आरोप लगाया कि 23 मार्च को उसे सायरा थाने से फोन कर बुलाया गया. जब उसने बताया कि वह आमली पूर्णिमा के पास एक थ्रेसर मशीन पर गेहूं निकाल रहा है, तो कुछ देर बाद 112 पुलिस वाहन वहां पहुंचा और हेड कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने बिना कोई सवाल-जवाब किए उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.
खूबीलाल के अनुसार, उसने हाथ जोड़कर बार-बार अपनी निर्दोषता साबित करने की कोशिश की, लेकिन उसे लगातार मारा जाता रहा. बाद में उसे सायरा थाने ले जाकर बंद कर दिया गया. खूबीलाल ने आरोप लगाया कि रात करीब 8 बजे हेड कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह ने उसे थाने से बाहर निकालकर पांच लीटर की एक केन पकड़ा दी और कहा कि यह दूध लेकर आओ. जब वह विरोध करने लगा, तो उस पर पांच लाठियां बरसाते हुए कहा गया कि वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है और उसे कैमरे के सामने यह कबूल करने को मजबूर किया गया कि वह शराब लेकर जा रहा है और शराब का धंधा करता है. खूबीलाल ने कहा कि उसने बार-बार बताया कि वह सुथार समाज से है और उनके समाज में शराब का सेवन व व्यापार नहीं होता, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई.
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और समाज के लोगों ने एकत्रित होकर सायरा थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान सुथार समाज के प्रतिनिधियों और पदराड़ा गांव के ग्रामीणों ने थानाधिकारी प्रवीण सिंह जुगतावत को ज्ञापन सौंपा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति को इस तरह झूठे मुकदमे में फंसाना अन्यायपूर्ण है और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. जिस पर थानाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी.